मामला जब जिला उपभोक्ता आयोग पहुंचा तो आयोग ने विपक्षी पार्टी को नोटिस भेजा। जहां बैंक की ओर से दलील दी गई कि वादी को फर्म का बीमा करना चाहिए था। उसके द्वारा ऐसा नहीं कराए जाने के कारण उसे हुई क्षति का जिम्मेदार विपक्षी बैंक नहीं है।
जिला उपभोक्ता आयोग की तीन सदस्यीय पीठ के न्यायाधीश अध्यक्ष संजय कुमार डे ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बैंक द्वारा उपभोक्ता के साथ सेवा में कमी पाया और 15 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के लिए उपभोक्ता को देने का आदेश दिया। वहीं इंश्यारेंस कंपनी के खिलाफ दायर वाद को खारिज कर दिया। जिला उपभोक्ता आयोग की तीन सदस्य पीठ के अध्यक्ष संजय कुमार डे, सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव और सदस्य विजय बहादुर सिंह मौजूद रहे।