प्रगति कार्ड में कक्षा-कक्ष प्रक्रिया, गतिविधि, समूह कार्य, व्यक्तिगत कार्य, लिखित और मौखिक कार्य, नियमित टेस्ट में प्रदर्शन जैसी जानकारियां दर्ज होंगी। प्री-प्राइमरी से कक्षा दो तक के छात्रों से उनकी अत्यधिक पसंद का भी ब्योरा लिया जाएगा।
इस पहल से शिक्षक यह समझ सकेंगे कि छात्र को किस विषय या क्षेत्र में कठिनाई आ रही है। यदि शिक्षक का स्थानांतरण किसी अन्य स्कूल में होता है, तब भी उसे प्रत्येक छात्र के शैक्षणिक स्तर की जानकारी रहेगी, जिससे सुधारात्मक कार्य आसानी से किया जा सकेगा।
जिले के शिक्षा विभाग ने बताया कि शिक्षकों को प्रगति कार्ड बनाने और प्रेरणा पोर्टल पर ऑनलाइन हाजिरी लगाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधिकारी और एआरपी (एकेडमिक रिसोर्स पर्सन) अब छात्रों का आंकलन पोर्टल के माध्यम से करेंगे, जिससे कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा।