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तीन ग्राम पंचायतों की जांच के लिए अफसर नामित

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ग्राम पंचायतों में नई सरकार के गठन के साथ ही प्रधानों पर दाग लगने शुरू हो गए। विकास कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत पर तीन गांव की जांच के लिए अधिकारी नामित किए गए।
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डीघ विकास खंड के हरिरामपुर गांव निवासी पूर्व सैनिक यदुवेंद्र सिंह, सोनैचा के योगेश पांडेय और सेेऊर के अरविंद कुमार यादव ने महीने भर पूर्व जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर विकास कार्यो में धांधली का आरोप लगाया था। जिसमें आरोप लगाया था कि गांव में खड़ंजा, मनरेगा, हैंडपंप रिबोर सहित अन्य कार्यो में गड़बड़ी की जा रही है। पुराने कार्यों को नया दिखाकर ग्राम प्रधान और सचिव सरकारी धन को निकाल रहे हैं। मामले को संज्ञान में लेते हुए डीएम आर्यका अखौरी ने संबंधित गावों की जांच के लिए डीपीआरओ को जांच अधिकारी नामित करने का निर्देश दिया। डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने सेऊर में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह, हरिरामपुर में खादी ग्रामोद्योग अधिकारी जवाहर लाल और सोनैचा में जिला प्रोबेशन अधिकारी महेंद्र कुमार यादव को जांच अधिकारी बनाया है। अधिकारियों को पखवारे भर में जांच पूर्ण कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया।
हैंडपंप रिबोर में फंसी गर्दन
हैंडपंप रिबोर के मामले में हीलाहवाली करने पर अभोली ब्लॉक के सरायकंसराय गांव की प्रधान रेखा मिश्र के अधिकार सीज हो गए। अब सेऊर गांव में भी प्रधान और सचिव की गर्दन फंस गई है। पिछले दिनों ग्रामीणों की शिकातय पर सीडीओ ने हैंडपंप रिबोर का निर्देश दिया था। मामले में जेई ने भी रिपोर्ट लगा दी, लेकिन गवईं राजनीति के फेर में हैंडपंप का रिबोर नहीं हो पा रहा है। ऐसे कई गांव शामिल हैं जहां सचिव और प्रधान की मनमानी से आमजन को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।
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