सुरियावां। लोक आस्था के महापर्व डाला छठ पर नगर के 52 बीघा तालाब पर पहुंचने वाली व्रती महिलाओं और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं उठानी होगी। अमर उजाला में खबर छपने के बाद नगर पंचायत के अफसरों की नींद खुली। सोमवार को आधा दर्जन सफाईकर्मियों की टीम लगाकर व्यापक स्तर पर तालाब की साफ-सफाई शुरू कराई गई।
सुरियावां के 52 बीघा तालाब पर डाला छठ के पर्व पर सैकड़ों व्रती महिलाएं भगवान भास्कर को अर्घ्य देने पहुंचती हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ से तालाब परिसर खचाखच भरा होता है। छठ महापर्व के बाद भी नगर पंचायत की ओर से 52 बीघा तालाब की सफाई नहीं कराई गई। झाड़-झंखाड़ के कारण पूरा तालाब परिसर ढका था। इस समस्या को देखते हुए अमर उजाला ने चार नवंबर के अंक में ''डाला छठ कल से, 52 बीघा तालाब के तट पर न लाइट न बैरिकेडिंग, रास्ते भी बदहाल'' शीर्षक के साथ प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया। इसके बाद नींद से जागे नगर पंचायत प्रशासन ने तालाब परिसर की साफ-सफाई शुरू कराई। सोमवार सुबह से ही करीब आधा दर्जन सफाईकर्मियों की टीम तालाब की साफ-सफाई में जुटी रही। टीम ने न सिर्फ झांड़ झंखाड़ हटाए, बल्कि घाटों की अच्छी तरह से सफाई कराई। सुजीत कुमार ने बताया कि छठ के पहले पूरे परिसर की अच्छी तरह से साफ-सफाई करा दी जाएगी। इससे व्रती महिलाएं और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े। बताया कि अर्घ्य के समय महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे।