न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने हत्या के मामले में एक दोषी को आजीवन कारावास और एक दोषी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। आठ साल पूर्व गोपीगंज के बीरापट्टी गांव में हुई घटना में कोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया।
अभियोजन के मुताबिक गोपीगंज कोतवाली के बीरापट्टी निवासी संजय कुमार बिंद ने आरोप लगाया था कि पांच अगस्त 2014 को रात नौ बजे अपने मड़हे को सही कर रहा था। जिसे तोड़ दिया गया। आरोप है कि उसी को दोबारा सही कर रहा था कि उस दौरान राम सजीवन उर्फ सज्जन बिंद, रामलोलारख बिंद, हरि बिंद, नागेंद्र बिंद आकर अपशब्दों का प्रयोग करने लगे। उसके बाद लाठी-डंडे से मारपीट करने लगे। उसी दौरान रामलोलारख ने अपनी बंदूक लाकर उसके पिता राम प्यारे को गोली मार दी। मारपीट की इस घटना में परिवार के दूसरे सदस्यों को भी चोटें लगीं। गोपीगंज थाने की पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां गवाहों के बयान और तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश मधु डोंगरा की अदालत ने दोषी रामलोलारख बिंद को आजीवन कारावास और एक अन्य दोषी नागेंद्र बिंद को 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की तरफ से बहस व पैरवी शासकीय अधिवक्ता प्रवेश तिवारी ने की।