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सवा दस बजे तक खाली रही एक्सईएन दफ्तर की ज्यादातर कुर्सियां

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ज्ञानपुर। जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शासन गंभीर है। लेकिन अफसर हैं कि सुनते ही नहीं। दरअसल अधिकारियों और कर्मचारियों को दस बजे दफ्तर में बैठने की आदत ही नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन दिन पहले ही सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक कार्यालय में रहकर जनता की समस्या को सुनने का निर्देश दिया है। उसके बाद मंगलवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने भी इस संबंध में आदेश जारी किया। कहा कि फील्ड में तैनात अधिकारी भी जनता की समस्या 10 से 12 बजे तक सुनें, लेकिन जिले के कुछ विभागों में स्थिति अभी सुधरी नहीं है। बुधवार को अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय कार्यालय में सवा दस बजे तक ज्यादातर कुर्सियां खाली रहीं। 10:25 बजे यहां के अधिशासी अभियंता कार्यालय आए। इसके बाद ही अन्य लोग आना शुरू किए।
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अमर उजाला की टीम जब ठीक10 बजे पड़ताल करने पहुंची तो कार्यालय खुला मिला। यहां चतुर्थ श्रेणी कर्मियों ने सफाई कर लिया था। चारों तरफ स्वच्छता दिखी। कार्यालय में ज्यादातर कक्षों में कोई था ही नहीं। बिजली बिल जमा करने वाले काउंटर पर कर्मी मौजूद था। वहीं सहायक अभियंता एवं लेखाकार कक्ष में लेखाकार मौजूद थे। अधिशासी अभियंता के कक्ष की कुर्सी 10:20 बजे तक खाली थी। वह 20.25 बजे कार्यालय आए।
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सभी कर्मचारियों को समय पर दफ्तर आने के लिए कहा गया है। मैं अपनी टीम के साथ जांच के लिए निकला था। वहीं से सीधे कार्यालय पहुंचा हूं। जो लोग समय से नहीं आएंगे उनसे स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
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- अमर सिंह, अधिशासी अभियंता
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