यही नहीं निलंबित हेड मास्टर अनुराग तिवारी के खिलाफ फर्जी एसआईटी अधिकारी बनकर सहायक अध्यापकों को चूना लगाने का भी आरोप है। इस मामले में लखनऊ में उन पर कई मुकदमें भी दर्ज हैं। स्कूल को डिजिटल बनाने के लिए एक टैबलेट दिया गया था। इसे उन्होंने गायब कर दिया। शिकायतों से विभाग की छवि धूमिल होते देख और गबन का आरोप सही मिलने पर बीएसए ने हेडमास्टर को निलंबित कर दिया।
नहीं माना कोर्ट का आदेश, माह भर बाद केस दर्ज नहीं
अक्सर विवादों में रहने वाली गोपीगंज कोतवाली पुलिस अब एक मामले में फिर चर्चा में है। ताजा मामला कोर्ट के आदेश का है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सबिहा खातून ने एसआइटी अफसर बनकर शिक्षकों से अवैध वसूली करने वाले तुलापुर रोही के सहायक अध्यापक अनुराग तिवारी के खिलाफ महीने भर पूर्व मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया, लेकिन स्थानीय पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर पुलिस कोर्ट के आदेश पर भी केस क्यों दर्ज नहीं कर रही है।