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श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर सजे बाजार

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श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर हिंदू सनातनी परंपरा के भक्तों में उत्साह है। भक्तों के उत्साह को देखकर बाजार भी उत्साहित है। बाजारों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव व झांकी से संबंधित सामग्री बाजारों में बिकने लगी है। जिला भी इनलॉक होने से उपभोक्ता और दुकानदारों के चेहरे पर खुशी की लहर है। कई जगहों पर लोगों ने घरों में नन्हे-नन्हे बच्चों को श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में सजाकर झांकी का भी रिहर्सल कर रहे हैं। 30 अगस्त को गृहस्थ व 31 अगस्त को वैष्णव संप्रदाय के लोग मनाएंगे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाएंगे। क्षीर सागर में शेषनाग की शैया पर उसके फन के नीचे शांति व आराम पूर्वक देवी लक्ष्मी के साथ निवास करने वाले भगवान श्री विष्णु ने आततायी कंस का वध करने के लिए द्वापर युग में श्रीकृष्ण के रूप में मथुरा नगरी में भाद्रपक्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अर्धरात्रि में माता देवकी के गर्भ से जन्म लिया था। इस संबंध में ज्योतिषाचार्य पंडित दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि इस बार श्रीकृष्ण जन्म अष्टमी की तिथि 29 अगस्त को रात्रि में 10 बजकर 10 मिनट पर लग रही है जो अगले दिन 30 अगस्त को रात्रि 12 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। इस बार 30 अगस्त यानी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी वाले दिन सुबह 6 बजकर 41 मिनट से 31 अगस्त को दिन में 9 बजकर 19 मिनट तक रोहिणी नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है। जब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर अष्टमी और रोहिणी दोनों तिथियां एक साथ लगती है तो बहुत ही शुभ होता है।
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इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्म के दिन अष्टमी व रोहिणी नक्षत्र के एक साथ होने वाले संयोग से सर्वपापहारी योग बन रहा है जो बहुत ही शुभ व पुण्यकारी होता है। सर्वपापहारी योग में भगवान का दर्शन, पूजन और हवन के लिए बहुत ही उत्तम होता है। इस तिथि व योग में किया गया दर्शन पूजन व हवन अक्षय फल प्रदान करने वाला होता है। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव इस बार 30 अगस्त को सर्वपापहारी योग में मध्यरात्रि को मनाया जाएगा। इस क्रम में कालीन नगरी के प्रमुख बाजार अभी से लड्डू गोपाल के सामानों से गुलजार हो चुके हैं। इस क्रम में जिले के प्रमुख बाजारों व नगरों में स्थित दुकानों पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में प्रयोग होने वाले प्रमुख सामानों की डिमांड बढ़ गई है। इनमें मुख्य रुप से लड्डू गोपाल का पालना, भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियां, सिंहासन, झूला, वस्त्र, मोर पंख के साथ बांसुरी, टोपी आदि सामान की दुकानों पर भरमार हो गई है। हालांकि इन सामानों को खरीदने के लिए लोगों की भीड़ भी उमड़ रही है। संपन्न वर्ग के लोग चांदी के पालने ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग चांदी के झूले की खरीददारी कर रहे हैं। गोपीगंज व भदोही नगर की कई ज्वेलरी शॉप पर चांदी के झूले अलग अलग मूल्यों में उपलब्ध हैं।
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