दोही। यूरोपीय देशों में कोविड-19 का प्रकोप फिर से बढ़ने लगा है। इसके चलते डोमोटेक्स (जर्मनी) के आयोजन पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। बीते चार नवंबर को जर्मनी में सर्वाधिक में कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों के मिलने की जानकारी हुई। यह खबर यहां पहुंचने के बाद से भारतीय कालीन निर्माता सहम गए हैं। वे असमंजस में पड़ गए हैं। भदोही के 24 से ज्यादा निर्यातकों ने अपनी सहभागिता निरस्त कर दी है। डोमोटेक्स (जर्मनी) आगामी वर्ष 13 से 16 जनवरी के बीच हनोवर शहर में प्रस्तावित है। यहां पूरी दुनियां से भारी संख्या में टैक्सटाइल्स उत्पाद के निर्माता और खरीदार आते हैं जहां भारतीय निर्यातक अपने लिए अवसर तलाशने जाते हैं।
डोमोटेक्स हर साल होता है। कोविड के चलते वर्ष 2021 का डोमोटेक्स रद्द कर दिया गया था। अंतिम बार लोगों ने जनवरी 2020 में सहभागिता की थी। लगभग दो वर्ष बाद फिर से लोग भागीदारी की तैयारियों में लगे थे, लेकिन अचानक इस तरह की खबरें आने से कई लोग अपनी भागीदारी निरस्त करा ली है। इस बारे में आल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) के पूर्व अध्यक्ष रवि पाटोदिया ने कहा कि जब कोई डोमोटेक्स जाता है तो यह सोचकर जाता कि दुनियां भर से बहुत से खरीदार व निर्माता आएंगे। कुछ अच्छे खरीदार मिल सकते हैं। न भी मिले तो दुनियां में क्या ट्रेंड चल रहा है वो हासिल होगा और उस पर हम आगे काम कर सकेंगे। लेकिन कोविड के मरीज वहां लगातार बढ़ रहे हैं। इन हालात में हम जो सोच कर वहां जाएं और हासिल न हो तो जाने का मतलब नहीं रह जाता।
कहा कि मैंने इस बार डोमोटेक्स विजिट करने की तैयारी की थी। मैने अभी अपने लिए विकल्प खुले रखे हुए है। यदि जनवरी तक स्थिति अनुकूल होगी तभी जाएंगे। उधर, इस संबंध में सीईपीसी चेयरमैन उमर हमीद ने टेलीफोन पर बताया कि इस पर मंथन चल रहा है। जिन लोगों ने स्टाल बुक कराया हैं उनसे फीडबैक लिए जा रहे हैं। लोगों के विचार जानने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।