ज्ञानपुर। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच संक्रमित में ऑक्सीजन की कमी की समस्या सबसे अधिक देखी जा रही है। शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण कई कोरोना पॉजिटिव को अस्पताल जाने की जरूरत भी पड़ रही है, लेकिन होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज अपने सोने के पोजीशन में थोड़ा बदलाव कर ऑक्सीजन की कमी को दूर कर सकते हैं ।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी सिंह ने बताया कि यदि किसी कोरोना पाजिटिव को सांस लेने में दिक्कत हो रही हो और ऑक्सीजन लेवल 94 से घट गया हो तो ऐसे लोगों को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से पेट के बल सोने की सलाह दी गई है। सीएमओ ने बताया कि इसके लिए सबसे पहले वह पेट के बल लेटें, एक तकिया अपने गर्दन के नीचे रखें, एक या दो तकिया छाती के नीचे रख लें एवं दो तकिया पैर के टखने के नीचे रखें। इस तरह मरीज 30 मिनट से दो घंटे तक सो सकते हैं। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की तापमान की जांच, ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन के स्तर की जांच, ब्लॅड प्रेसर और शुगर की नियमित जांच होनी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए सोने की चार पोजीशन को महत्वपूर्ण बताया है, जिसमें 30 मिनट से दो घंटे तक पेट के बल सोने, 30 मिनट से दो घंटे तक बाएं करवट, 30 मिनट से दो घंटे तक दाएं करवट और 30 मिनट से दो घंटे तक दोनों पैर सीधाकर पीठ को किसी जगह टिकाकर बैठने की सलाह दी गई है, हालांकि गर्भवती महिला पेट के बल न सोए।