आंखों से रुक नहीं रही थी आंसुओं की धार
मलबे में दबकर जैसे ही मुन्ना लाल के मौत की खबर उसके घर पहुंची परिजनों और गांव में कोहराम मच गया। लोग रोते-बिलखते स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। घर वालों की आंखों से आंसू की धार रुकने का नाम नहीं ले रही थी। मृतक के एक पुत्र व दो पुत्रियां थीं। मृतक की पत्नी बार बार बच्चों के सिर पर हाथ फेर कर कह रही थी कि अब बच्चों का भरणपोषण कैसे होगा।
मौके पर जुटे लोगों ने बताया कि मुन्नालाल किराए पर भदोही मे ही रहता था और पन्ना सरोज के ही यहां रहकर भदोही में मजदूरी करते थे। उनको तीन बच्चे हैं। जिनमें एक पुत्र व दो पुत्रियां हैं। गांव के प्रधान शिवशंकर यादव ने परिवार को आर्थिक सहायता की मांग प्रशासन से की है।