कार्रवाई से मचा हड़कंप
जाठी गांव निवासी दिव्यांग रविशंकर का गांव में पीएम आवास है। उसने न्यायालय में कहा कि उसके बाप दादा उस जमीन पर कच्चा मकान बनाकर रहते आए हैं। सात साल पहले उसे प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास मिला था। उसने अपना कच्चा मकान गिराकर उस पर आवास बनवाया। जहां उसका कच्चा मकान है उसी से कुछ जमीन छोड़कर गांव के सत्यदेव दुबे की जमीन है।
सत्यदेव ने एसडीएम कोर्ट के निर्देश पर अपनी जमीन की नापजोख कराई तो तीन फीट जमीन उसके आवास से सटकर निकली। 11 अक्टूबर 23 को औराई के एएसडीएम आकाश कुमार, तत्कालीन तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति, नायब तहसीलदार बलवंत उपाध्याय, राजस्व निरीक्षक बैकुंठनाथ, लेखपाल संतोष जायसवाल, पुलिस टीम में एसआइ धीरेंद्र यादव, कांस्टेबल शंभूनाथ, चार अन्य पुलिस कर्मी व सत्यदेव बुलडोजर के साथ आए। अधिकारियों ने तीन फीट जमीन के साथ उसका आवास ही ढहा दिया।
वहीं अभिलेख में जो दो बिस्वा आबादी की जमीन थी उससे उसे बेदखल कर दिया। मामले को लेकर उन्होंने ज्ञानपुर कोतवाली, एसपी समेत अन्य उच्चाधिकारियों को पत्रक दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्यायालय की शरण ली तो संज्ञान लिया गया। बुधवार को ज्ञानपुर कोतवाली पुलिस ने सभी के खिलाफ एससीएसटी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।