कालीन नगरी में बाल श्रम का मामला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बीते सितंबर महीने में सरोईं के एक कालीन कारखाने से दो बाल श्रमिक पकड़े गए थे। अभी वह मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि बृहस्पतिवार को चौरी क्षेत्र के तीन अलग-अलग कालीन कारखाने में छापा मारकर श्रम विभाग की टीम ने नौ बाल श्रमिकों को बरामद किया। इनके उम्र का सत्यापन स्वास्थ्य विभाग से कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों से काम कराने की शिकायतों को गंभीरता से लेकर श्रम विभाग ने छापा की कार्रवाई कर जांच की। दानुपट्टी के तीन कालीन कारखानों में हुई कार्रवाई के दौरान खलबली मच गई। जांच के दौरान टीम ने नौ ऐसे श्रमिकों को अभिरक्षा में लिया, जिनकी उम्र देखने से कम लग रही थी। पूछने पर भी इसकी पुष्टि हुई। सभी बाल श्रमिक मालदा पश्चिम बंगाल के निवासी बताए गये हैं। श्रम विभाग ने सभी बाल श्रमिकों को एसडीएम के समक्ष पेश किया। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने सभी श्रमिकों का बयान दर्ज किया। जिसके बाद श्रम विभाग ने बाल कल्याण समिति न्यायालय ज्ञानपुर में पेश किया। सहायक श्रम आयुक्त प्रतिमा मौर्य ने बताया कि सूचना मिली थी कि चौरी क्षेत्र में कालीन कारखानों में बाल श्रमिकों से काम लिया जा रहा है। इसके बाद छापे की कार्रवाी कर जांच की गई। उन्होंने बताया कि पकड़े गये बुनकरों में किशोर व बाल श्रमिक दोनों हैं। सही उम्र मेडिकल परीक्षण में स्पष्ट होगी। पकड़े गए बुनकरों में अधिकांश की उम्र 17 वर्ष प्रतीत हो रही थी। एक लगभग 9 वर्षीय का बालक भी उसी में था। उसने बताया कि वह काम नहीं करता है, परिवार संग रहता है। वह पढ़ता है। एसडीएम भदोही अश्विनी पांडेय ने बताया कि सभी बच्चों का बयान ले लिया गया है। उन्हें बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है। जहां से उनके परिजनों को सूचित कर बुला लिया गया है। बच्चों से काम लेने वालों के खिलाफ श्रम विभाग को विधिक कार्रवाई के लिए निर्देशित कर दिया गया है।