केशव प्रसाद मिश्र राजकीय महिला महाविद्यालय में रविवार को आजादी केअमृत महोत्सव और अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस पर आनलाइन वेबीनार का आयोजन किया गया। जिसमें महाविद्यालय की छात्राओं ने अधिक संख्या में प्रतिभाग किया। मुख्य वक्ता समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रीना सिंह ने बदलते परिवेश में परिवारों की भूमिका एवं दायित्व विषय पर ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया।
उन्होंने छोटा परिवार, बड़ा परिवार, एकाकी परिवार, संयुक्त परिवार पितृ सत्तात्मक परिवार मातृ सत्तात्मक परिवार प्रकाश डाला। कहा कि भारतीय समाज एकल परिवार की संकल्पना की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। आधुनिकता की दौड़ में परिवार टूटने की कगार पर है। अगर समाज को बचाना है तो हमें परिवार को बचाना होगा। एकल और छोटे परिवारों से समाज का तेजी से विघटन बढ़ा है। उन्होंने कहा कि बच्चों का सामाजीकरण एवं उनके व्यक्तित्व का निर्माण परिवार में ही होता है। वर्तमान समय में परिवार को नगरीकरण औद्योगीकरण एवं आधुनिकता से बड़ी चुनौती मिल रही है ।रोजगार की प्राप्ति के लिए युवा शहर की ओर जा रहे हैं। जिससे संयुक्त परिवार टूट रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी एवं मिशन शक्ति के संयोजक अनुज कुमार सिंह ने अंतराष्ट्रीय परिवार दिवस पर प्रकाश डाला। प्राचार्य डॉ. वृजकिशोर त्रिपाठी ने कहा कि संयुक्त परिवार से भाईचारा और एकता बढ़ती है।
संयुक्त परिवार की होती है उन्नति
ज्ञानपुर। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस पर रविवार को आनलाइन गोष्ठी हुई। इसमें बदलते परिवेश में परिवार की भूमिका एवं दायित्व पर प्रकाश डाला गया।
वक्ता डॉ. सूर्यनाथ खरवार ने कहा कि जिन परिवारों में वृद्ध जनों का सम्मान होता है, उनसे नियमित संवाद स्थापित किया जाता है उस परिवार की ना केवल उन्नति होती है बल्कि उस परिवार के सदस्यों का शारीरिक, मानसिक विकास होता है। कहा कि वर्तमान में महिलाओं को स्वावलंबी, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार एवं प्रशासन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस मौके पर मिशन शक्ति प्रभारी डॉ कामिनी वर्मा, डॉ. मोनिका, डॉ. बालकेश्वर, डॉ. मंजुल, डॉ. ऋचा आदि रहीं।