होली का पर्व हर उम्र में युवा मन का एहसास दिलाता है। होली रंग और उल्लास का त्योहार है। इसमें सभी राग और द्वेष भूलकर एक होने का संदेश छुपा रहता है। यह बातें बृहस्पतिवार को डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की ओर से बार हॉल में आयोजित होली मिलन समारोह में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. सत्यवान सिंह ने कही।
समारोह में शब्दों के अबीर और भावनाओं के गुलाल का दौर चला तो अधिवक्ता और न्यायिक अधिकारियों ने अपनी-अपनी कविताओं के माध्यम से सभी को होली मिलन में सराबोर कर दिया। जिला जज ओम प्रकाश अग्रवाल ने कविता के माध्यम से अपने बचपन की यादें ताजा कीं। बताया कि होली का पर्व सभी को खुशी से मनाना चाहिए। बनावटी और मिलावटी रंगों से अच्छे दिल के रंग होते हैं। व्यंग्यकार कृष्णावतार त्रिपाठी राही ने भ्रष्टाचार पर व्यंग कसा और वसंतोत्सव के आगमन की कविता पढ़ी। इससे पूर्व समारोह में होली मिलन कार्यक्रम के अध्यक्ष का चुनाव किया गया। इसमें जीत बहादुर सिंह को कटहल संघ का अध्यक्ष बनाया गया। उन्हें जिला जज ने कटहल की माला पहनाई। इस मौके पर न्यायिक अधिकारी अखिलेश पांडेय, अनिरुद्ध मौर्य, प्रवीण पांडेय, परवेज, सुशील विश्वकर्मा, शरद चौधरी, कमलकांत श्रीवास्तव के अलावा अधिवक्ता गंगाराम यादव, रामआसरे, लालचंद्र, तेज बहादुर, रामजीत पांडेय, हंसाराम, हृदयनाथ तिवारी, रामजश पाठक, दिनेश सिंह, स्वामीनाथ, सुधाकर पांडेय, अजय सिंह, संतोष दूबे, पुनीत पांडेय, राजेश मालवीय, डिबाए अध्यक्ष हरिवंश पांडेय, मुन्नर राम यादव, धीरज शुक्ला, भरत यादव, कृष्ण कुमार मालवीय, दीपक पांडेय, दिनेश दूबे आदि मौजूद रहे।