बुराई का अंत करने के पर्व दशहरा पर पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बड़ा उदाहरण पेश किया। अपने ही कार्यालय में तैनात लिपिक को रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित कर दिया। लिपिक के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं।
उप निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए विनय प्रकाश सिंह के सेवा प्रपत्र समय से तैयार नहीं हो रहे थे। जिससे उनको विभाग से मिलने वाला भुगतान समय से नहीं हो पाया था। कई बार अपने ही कार्यालय के चक्कर लगा चुके उप निरीक्षक को पता चला कि उसकी फाइल सुविधा शुल्क के इंतजार में फंसी थी। उसने प्रधान लिपिक शम्भू यादव से संपर्क किया तो आरोप है कि उन्होंने 4 हजार रुपये रिश्वत मांगी।
मामले की गहन जांच करेंगे सीओ
इसकी शिकायत विनय प्रकाश सिंह ने पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार से की। एसपी ने जांच कराई तो प्रथम द्रष्टया आरोप सही निकला। इस पर पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लिपिक को निलंबित कर दिया। मामले की गहन जांच एसपी ने सीओ भदोही अजय कुमार को सौंपी है।