ज्ञानपुर/वहीदानगर। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर होने वाले राशन वितरण में पादर्शिता लाने के लिए हर दुकान के लिए नोडल अधिकारी नामित किए जाते हैं, लेकिन ये नोडल अधिकारी वितरण के समय कम ही दुकानों पर नजर आते हैं। बीते कई दिनों से मिल रही शिकायतों केे आपूर्ति विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभाग ने जांच कराया तो शुक्रवार को कुल 19 नोडल अधिकारी अनुपस्थित मिले। इन सभी की रिपोर्ट संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष को भेज दी गई। कोटेदारों को भी पारदर्शिता बरतने के लिए निर्देश दिया गया है। उनसे कहा गया है कि यदि कोई नोडल अधिकारी नहीं आता है तो इसकी सूचना अधिकारियों को जरूर दें। राशन वितरण में किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
आपूर्ति निरीक्षक डीघ दिनेश कुमार यादव ने बताया कि फरवरी के प्रथम चरण में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत पात्र गृहस्थी और अंत्योदय कार्ड धारकों में प्रति यूनिट पांच किलोग्राम गेहूं-चावल, प्रति कार्ड एक किलोग्राम नमक, चना और तेल के वितरण की तिथि दो से 15 फरवरी तक निर्धारित है। खाद्य सामानों की पूर्ति नैफेड ने लगभग सात दिन विलंब से की। इस वजह से कोटे की दुकानों पर वितरण देर से शुरू हो सका है। डीएसओ सीमा सिंह ने जिले में संचालित होने वाली कुल 730 कोटे की दुकान पर नोडल की उपस्थिति में वितरण कराने का निर्देश है। बावजूद इसके कोटेदार नोडल की अनुपस्थिति में वितरण कर रहे हैं। शुक्रवार को डीघ ब्लाक के 116 दुकानों में से 20 दुकान की जांच की गई है, जिसमें मात्र शिवसेवकपट्टी की दुकान पर नोडल मिले शेष 19 पर नहीं। अन्य दुकानों पर भी जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। पूर्ति निरीक्षक ने कहा कि पात्रों को समय से राशन मिले, उसमें किसी तरह की गड़बड़ी न हो, पूरी तरह से व्यवस्था पारदर्शी हो इसके लिए सभी कोटेदारों व नोडल अधिकारियों केे निर्देश दिया गया है। नोडल अधिकारी अलग-अलग विभाग के होते हैं।