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मांगों को लेकर गोंडवाना समाज ने किया प्रदर्शन

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जिला मुख्यालय पर विरोध-प्रदर्शन करते गोंडवाना संयुक्त मोर्चा के कार्यकर्ता। - फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर। नौ अगस्त आदिवासी दिवस के मौके पर राजकीय अवकाश घोषित न होने के विरोध में रविवार को गोंडवाना समाज ने विरोध जताया। जिला मुख्यालय पहुंचे गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, गोंडी पुनेम सेवा समिति और अखिल भारत वर्षीय गोंड महासभा के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित नौ सूत्री मांगपत्र डीएम को देकर आदिवासियों की उपेक्षा के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया।
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वक्ताओं ने कहा कि 24 वर्ष पहले सदन में प्रस्ताव पारित होने के बाद प्रति वर्ष नौ अगस्त को आदिवासी दिवस तो मनाया जाता है, लेकिन 24 वर्ष व्यतीत होने के बाद भी उक्त दिवस पर राजकीय अवकाश घोषित नहीं किया गया। एससी, एसटी, ओबीसी के लोग यह अभी तक नहीं समझ सके हैं कि भारतीय मूल का मुख्य निवासी कौन है। इनकी धर्म, भाषा, संस्कृति, नृत्य, गीत, विवाह आदि सभी संस्कार गैर आदिवासी धर्म के लोगों ने विलुप्त कर जल, जंगल, जमीन को हड़प लिया। आज गोंड, भील, कोल, द्रविड़, हल्ला, धुरिया, गोंडीया, खरवार, मुंडा, ओराव, चेरो, पनिका, पठारी, जौनसारी समाज या तो सबसे अधिक उपेक्षित है या अस्तित्व बचाने को जूझ रहा है।
इस मौके पर मुख्य रूप से प्रतिवर्ष नौ अगस्त को आदिवासी दिवस पर राजकीय अवकाश, गोंड समुदाय को प्रदेश में एसटी का दर्जा, गोंड जाति को प्रमाणपत्र निर्गत कराने, भूमिहीन परिवारों को आवासीय पट्टा देने, कोविड-19 से परेशान समाज को रोजगार देने, हरे पेड़ों की कटाई पर रोक, परिवहन कार्यालय में भ्रष्टाचार रोकने, मनमानी कर रही टेलीकॉम कंपनियों को बंद करने, बैकलाग को अनुसूचित जाति से भरने की मांगें शामिल रहीं। इस मौके पर ज्ञानधर गोंड, अशोक कुमार, हरीनाथ, रंगलाल गोंड, सुरेंद्र, रमेश, ज्ञानसागर गोंड, दीपक गोंड, रामसजीवन गोंड, अभयराज विश्वकर्मा आदि रहे।
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