कालीन नगरी में वाहन स्वामी परिवहन विभाग का चार करोड़ रुपये का टैक्स दबाए बैठे हैं। ऐसे वाहन स्वामियों पर परिवहन विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पंजीकृत 2700 वाहन स्वामियों को नोटिस जारी कर एक माह में टैक्स जमा करने के लिए कहा गया है। वहीं तीन नोटिस भेजने पर भी टैक्स न जमा करने पर 50 वाहन स्वामियों के खिलाफ आरसी जारी की गई।
परिवहन विभाग के अनुसार जिले में वैसे तो ढाई लाख वाहन पंजीकृत हैं। इसमें 13 हजार 700 व्यावसायिक वाहन बस, मैजिक, आटो, ट्रक, डीसीएम आदि का टैक्स जमा करने के लिए वाहन स्वामी कतई गंभीर नहीं हैं। विभाग ने बकाये को लेकर रिकार्ड खंगाला तो बड़ी संख्या में ऐसे वाहन सामने आए हैं जिन पर करोड़ों रुपये का बकाया है। एआरटीओ अरूण कुमार ने बताया कि 2700 व्यावसायिक वाहन ऐसे हैं, जिन पर करीब चार करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। विभाग की ओर से वाहन स्वामियों को नोटिस भेजे गए हैं। अक्तूबर के अंत तक टैक्स जमा करना है। यदि टैक्स जमा नहीं किया तो संबंधित वाहनों के खिलाफ आरसी जारी करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि तीन नोटिस भेजने के बाद भी टैक्स न जमा करने पर 50 वाहन स्वामियों के खिलाफ आरसी जारी की गई है। चेकिंग के समय बकाया टैक्स वाले वाहनों को सीज करने की कार्रवाई करेंगे।
मासिक वसूली में 14वीं और वार्षिक में 21वीं रैंक
ज्ञानपुर। परिवहन विभाग ने टैक्स सहित अन्य वसूली में तेजी से काम किया। जिसके कारण सितंबर में मासिक वसूली में विभाग सूबे में 14वीं रैंक हासिल किया। उप संभागीय परिवहन अधिकारी अरुण कुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बाद भी बेहतर वसूली हो रही है। अप्रैल से सितंबर तक की वसूली में 21वीं रैंक मिली है। उन्होंने बताया कि वाहन स्वामी अगर चार करोड़ का टैक्स जमा कर देंगे तो जिला टापटेन की सूूची में शामिल हो जाएगा।