माैके पर माैजूद पुलिस और भीड़।
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इस बीच, भोर में करीब चार बजे अचानक शार्ट सर्किट से आग लग गई। कमरे में फर्नीचर, नक्शा और सैंपल इत्यादि होने से आग ने तेजी पकड़ ली और पूरे कमरे में धुंआ भर गया। धुएं से राम सहाई अचेत हो गए और कमरे से बाहर नहीं निकल पाए और आग से बुरी तरह झुलसकर उनकी मौत हो गई। इधर परिजनों को इसकी जानकारी होते ही कोहराम मच गया।
परिजन आसपास के लोगों की मदद से करीब पांच बजे तक आग पर काबू पा लिया। करीब 5.30 मिनट पर दमकल पहुंची। जिसे लौटा दिया गया। इधर घटना की जानकारी होते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने अधजले शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बड़ा हो सकता था हादसा
कारोबारी सभाशंकर यादव व रमाशंकर यादव ने बताया कि आग लगने की उन्हें समय से जानकारी नहीं हो सकी। जिससे पिता जी को नहीं बचा सके। आग के कारण निकलने वाली धुएं महक गई तो शक के कारण नीचे आए और किसी तरह से आग पर काबू पाया। बताया कि आग कमरे के अंदर ही रह गया। कमरे के बाहर ही लाखों की कीमत के तैयार कालीन रखे हुए थे। अगर उसमें आग पकड़ती तो और भी बड़ी घटना हो सकती थी।