डीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से गांव में पोषण वितरण, पोषण ट्रैकर की स्थिति, बच्चों के वजन, गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। आशा कार्यकर्ता से डीएम ने एएनसी, टीकाकरण, प्रसव पूर्व एवं प्रसव पश्चात सेवाओं संबंधी रिपोर्ट मांगी। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े सभी कार्यों में पारदर्शिता और नियमितता बनाए रखने के निर्देश दिए।
चौपाल के बाद डीएम ने ग्रामीणों के साथ गांव की गलियों में जाकर समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने पाया कि गांव की गलियों में नालियां बीचों-बीच होने के बावजूद कई स्थानों पर चोक थीं। नाली से निकला मलबा सड़क पर ही फेंका गया था, जिससे आवागमन बाधित हो रहा था और जलजमाव एवं गंदगी की समस्या बनी हुई थी। जिस पर नाराजगी जताते हुए सफाई का निर्देश दिया।
ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि गांव के कोटेदार राशन वितरण में हीलाहवाली, निर्धारित समय पर राशन न देना, मनमानी जैसी समस्याओं की शिकायत की। डीएम ने एसडीएम ज्ञानपुर भान सिंह को जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम चौपाल का उद्देश्य ग्रामीणों को शासन से सीधे जोड़ना और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करना है। इस मौके पर डीडीओ ज्ञान प्रकाश, बीडीओ आलोक कुमार, सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार आदि रहे।