अपर सत्र न्यायाधीश शैलोज चंद्रा की अदालत ने दहेज हत्या में पति, सास-ससुर को चार-चार साल कारावास की सजा सुनाई। छह साल पूर्व की घटना में कोर्ट ने निर्णय सुनाया। अभियोजन के मुताबिक राजाराम यादव निवासी तिवारीपुर कछवां मिर्जापुर ने बताया कि वह अपनी बेटी मंजू देवी की शादी 10 अप्रैल 2018 को गिरजाशंकर पुत्र सूबेदार निवासी लीलाधरपुर औराई के साथ तय किया।
शादी के बाद से ही दहेज के लिए बार-बार मांग किया गया। 24 दिसंबर 2019 को गिरजाशंकर ने फोन कर बताया कि उसकी बेटी सारा जेवरात लेकर भाग गई है। हम लोग अपने सभी रिश्तेदारी और स्टेशन पर तलाश किया। 31 दिसंबर 2019 को उनके घर के पीछे तालाब में लाश उतराई मिली।
पुलिस ने तहरीर पर पति, सास-ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू किया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। जहां दोनो पक्षों के तर्क एवं बहस सुना गया। साक्ष्य संकलन के आधार पर कोर्ट ने पति गिरजाशंकर, ससुर सूबेदार और सास गुलाबी देवी को दोषी मानते हुए चार-चार साल कारावास की सजा सुनाई।