बांद्रा के जिस स्टेशन के समीप भीड़ जुटी थी, वहां से बाहर ट्रेनें नहीं जातीं। वह केवल लोकल ट्रेनों के आवागमन का केंद्र है। इससे गांव जाने के लिए मजदूरों की भीड़ जुटने का कोई औचित्य ही नहीं था। मजदूरों को घर भिजवाने से जुड़ा मेरा वीडियो शाम को 5.40 बजे जारी किया गया था, जबकि बांद्रा का हंगामा दोपहर तक ही हो चुका था।
विनय दुबे ने खुद पर तबलीगी जमात से संबंध होने और शाहीन बाग जाने को लेकर लगे आरोपों पर कहा कि तबलीगी जमात से मेरा कोई संबंध नहीं है। जमातियों का मसला केवल मजदूरों की समस्या से ध्यान हटाने के लिए सरकार का बैकअप प्लान है। कहा कि शाहीन बाग धरने पर मैं गया था, लेकिन वहां जाने का मकसद केवल एनआरसी का विरोध था। सीएए का विरोध हमारे उद्देश्य में शामिल नहीं था। असम में एनआरसी लागू होने के समय से ही हम उसका विरोध कर रहे हैं।