डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कोरोना महामारी विषयक संगोष्ठी के दूसरे दिन इससे उपजे हालात और इससे बचाव पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने सामाजिक, आर्थिक, स्वास्थ्य और पर्यावरण के मोर्चे पर कोविड के असर परी चर्चा करते हुए इसकी चुनौतियों का सामना करने के लिए सभी का आह्वान किया। प्रथम तकनीकी सत्र के मुख्य अतिथि पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय सैदाबाद के प्राध्यापक डॉ. एके वर्मा रहे, जबकि दूसरे सत्र के मुख्य अतिथि केएनपीजी कॉलेज के प्राध्यापक डॉ.बालकेश्वर रहे।
डॉ. एके वर्मा ने लॉक डाउन के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने लॉकडाउन से पारिवारिक और आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर पड़े प्रभाव की चर्चा की। साथ मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए सकारात्मक विचारों को अपनाने पर बल दिया। डॉ. विकास चंद्र ने कोरोना के कारणों तथा उत्पन्न परिस्थितियों के चलते अंतरराष्ट्रीय संबंधों में हुए परिवर्तन को रेखांकित किया। द्वितीय सत्र में डॉ. बालकेश्वर ने कोविड के द्वितीय चरण से उपजे हालातों पर चर्चा की। उन्होंने सरकार द्वारा किए गए प्रयासों के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं पर प्रकाश डाला। प्रथम सत्र का संचालन डॉ.अवधेश कुमार व द्वितीय सत्र का संचालन डॉ.गौतम गुप्ता ने किया। समापन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो.देवराज सिंह, निदेशक, रज्जू भैया शारीरिक शिक्षा संस्थान, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर ने अपने व्याख्यान में कोरोना के बाद अपनाए जाने वाले बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए इसके लिए सकारात्मक पहल किए जाने पर जोर दिया। संचालन डॉ.आशुतोष कुमार श्रीवास्तव और डॉ.शिखा तिवारी ने किया। संगोष्ठी में एसडीएम अश्विनी पांडेय, डॉ. विकास चंद्रा, डॉ. एसकेएस यादव, डॉ. यशवीर सिंह, डॉ. सत्येंद्र प्रसाद, डॉ. भावना सिंह, डॉ. श्वेता सिंह, डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. रुस्तम अली, डॉ. राजकुमार सिंह यादव, डॉ. अनीश कुमार मिश्र, आशीष जायसवाल, अमित तिवारी, डॉ. अंकिता तिवारी, पूनम द्विवेदी, ऋत्विक रंजन सिंह, गुलाब धर तिवारी, शैलेश कपिल, आशीष यादव, देवव्रत मिश्रा, संजय गौड़ आदि मौजूद रहे। प्राचार्य प्रो.डॉ. मुरलीधर राम ने अतिथियों का स्वागत और आभार जताया।