नईबाजार। बिजली निगम ने जनपद के एक लाख 624 उपभोक्ताओं के पुराने मीटर बदलकर अब स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं। इन स्मार्ट मीटरों को बिजली जुगाड़ के बांस-बल्ली के सहारे मिल रही है। जिससे स्मार्ट बिल निकल रहा है। जुगाड़ की यह व्यवस्था जिले की 30 बस्तियों में चल रही है। इस व्यवस्था से 2500 उपभोक्ताओं के घरों में बिजली आपूर्ति हो रही है। भीषण गर्मी में लोड बढ़ने पर इन उपभोक्ताओं को लोकल फॉल्ट के कारण बिजली कटौती, स्पार्किंग, ट्रिपिंग और लो वोल्टेज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन 30 बस्तियों के उपभोक्ता कई बार बिजली के खंंभे और एबीसी केबल लगाने के लिए बिजली निगम के अधिकारियों से मिलकर प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। हर बार सिर्फ अभियंताओं ने आश्वासन ही दिया।
दो विभागों के बीच का पेच, झेल रहे उपभोक्ता
खंभे और एबीसी केबल लगाने में दो विभागों बिजली निगम और निकाय प्रशासन के बीच पेच फंसा है। इसका खामियाजा उपभोक्ता झेल रहे हैं। बिजली निगम के अभियंताओं की माने तो निकाय को प्रस्ताव बनाकर देना होता है कि कहां खंभे लगाए जाने हैं। इसके बाद बिजली निगम की टीम सर्वे करती है। वहीं, निकाय प्रशासन का कहना है कि खंभे लगाना बिजली निगम का काम है।
ये है जिले की बिजली व्यवस्था
डिवीजन - दो
उपभोक्ता - दो लाख 48 हजार
स्मार्ट मीटर - एक लाख 620
प्रीपेट स्मार्ट मीटर - 10653
इन बस्तियों में बांस-बल्ली से होती है आपूर्ति
बस्ती - उपभोक्ता - आबादी
मक्दूपुर - 40 - 2000
नेहरूनगर (नईबाजार) - 130 - 5000
पकरी (भदोही) - 25 - 300
साई कॉलोनी (ज्ञानपुर) - 15 - 100
गांधीनगर (नईबाजार) - 15 - 100
नोट - इसी तरह जिले की कई बस्तियां हैं।
जाने उपभोक्ताओं की समस्या
सात महीने पहले स्मार्ट मीटर बिजली निगम ने लगा दिया। आपूर्ति बांस बल्ली के सहारे हो रही है। इससे आग लगने का हमेशा खतरा बना रहता है। लो-वोल्टेज से घर के उपकरण नहीं चलते हैं।
- गुड्डू।
बिजली निगम ने स्मार्ट मीटर तो लगा दिया, लेकिन आपूर्ति पुरानी व्यवस्था से ही चल रही है। भीषण गर्मी में कई बार तार टूटने से कई-कई दिनों तक आपूर्ति बाधित रहती है। -
अलगूराम।
बांस-बल्ली के सहारे होने वाली आपूर्ति से कई बार बिजली व्यवस्था प्रभावित होती है। जब हवा तेजी से चलती है तो बांस-बल्ली गिरने का डर लगा रहता है।
- सुजीत कुमार।
स्मार्ट मीटर लगा है तो स्मार्ट आपूर्ति भी होनी चाहिए। बांस-बल्ली के कारण कटौती, स्पार्किंग की समस्या बनी रहती है। ऐसे में उपभोक्ता को होने वाली परेशानी का दोषी कौन है। -
सोहनलाल।
जिन-जिन बस्तियों में बांस बल्ली लगे हैं। वहां खंभे लगाने के लिए सर्वे हो चुका है। प्रक्रिया चल रही है। इसी महीने या अगले महीने तक वहां बांस-बल्लियों को हटाकर खंभे लगा दिए जाएंगे। निकाय के अंतर्गत आने वाली बस्तियों में खंभे लगाने के लिए नगर पंचायत को जानकारी देनी होती है।
- एसके सिंह, एक्सईएन भदोही विद्युत उपकेंद्र।
खंभे और केबल लगाने की जिम्मेदारी को बिजली निगम की है। अगर बिजली निगम को खंभे लगाने की जानकारी चाहिए तो निकाय प्रशासन सर्वे कराकर उन्हें तत्काल अवगत करा देगा।
- सुजीत कुमार, ईओ, नईबाजार।