ज्ञानपुर। जिले में ई-ग्राम स्वराज पोर्टल करीब डेढ़ महीने से बंद है। इससे 546 ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना अपलोड न होने से पंचायतों के विकास कार्य ठप हैं। कागजों पर बने प्रस्ताव ऑनलाइन नहीं हो सके हैं। सबसे अधिक दिक्कत ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए है। 11 से 19 जुलाई तक इनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। यहां के प्रस्तावित कार्य भी पोर्टल पर अपलोड न होने से स्वीकृति मिलना भी मुश्किल है। जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। गांव में नाली, खड़ंजा, स्वच्छ भारत मिशन जैसे कार्य के लिए राज्य वित्त, 15वें वित्त, टाइड और अनटाइड फंड से बजट मिलता है। इसके लिए ग्राम पंचायतें कार्ययोजना बनाकर ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड करती हैं। इसके बाद उस कार्य की स्वीकृति मिलती है। 26 मई को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया। शासन के निर्देश पर उनको प्रशासक बनाया गया।
प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद से ही पोर्टल भी बंद हो गया है। जिससे गांव में पूर्व की बनी कार्ययोजना अपलोड नहीं हो पा रही है। कार्ययोजना पोर्टल पर अपलोड नहीं होने से चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक मिले अनुदानों से कोई भी नया कार्य नहीं हो पा रहा है। ग्राम प्रधान एवं ग्रामीण सत्ता पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय महासचिव राजमणि पांडेय ने कहा कि प्रधानों को प्रशासक तो बनाया गया है लेकिन पोर्टल न चलने से कोई भी काम नहीं हो पा रहा है। प्रशासन इसको जल्द चालू कराए, जिससे अधूरे कार्य को पूर्ण कराया जा सके।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल निदेशालय स्तर से महीने भर से बंद है। जिससे कार्ययोजना अपलोड नहीं हो पा रही है। पुरानी कार्ययोजना स्वीकृत होने से उस काम पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। नए कार्य की स्वीकृति के लिए दिक्कत होगी। - डॉ. सपना अवस्थी, डीपीआरओ