ऊंज। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण का असर दोहरीकरण कार्य पर भी पड़ा है। ज्ञानपुर रोड-हंडिया सेक्शन तक अधूरा कार्य रेल प्रशासन के लिए मुसीबत बढ़ा रहा है। मडुवाडीह -रामबाग रेल खंड के दोहरीकरण व विद्युतीकरण के कार्य में हो रही देर के कारण यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
केंद्र सरकार की पहल पर रेल विकास निगम ने लगभग दो वर्ष पहले मडुआडीह-रामबाग रेलखंड पर करोड़ों रुपये की लागत से दोहरीकरण, विद्युतीकरण का कार्य शुरू किया गया था। विद्युतीकरण कार्य वाराणसी से झूंसी-प्रयागराज तक पूर्ण कराकर दो चरणों में ज्ञानपुर रोड स्टेशन तक दोहरीकरण का परीक्षण करते हुए संरक्षा आयुक्त पूर्वी जोन मो.लतीफ खान ने ट्रेनों को चलाने की हरी झंडी दे दी। बचे बाग में हंडिया तक के कार्य को कार्यदायी संस्था 31 मार्च तक पूरा नहीं कर सकी। अभी दो माह तक कार्य पूरा होने की उम्मीद भी नहीं दिख रही है। यात्री ब्रह्मदीन, श्यामशंकर, रामजीत, प्रीतेश कुमार आदि ने कहा कि लगभग 12 माह बाद रेलखंड पर मात्र एक जोड़ी पैसेंजर गाड़ी मेमू (मेन लाइन इलेक्ट्रिकल मल्टी यूनिट) को चलाने का निर्देश तो जारी हो गया, लेकिन ज्ञानपुर रोड स्टेशन से हंडिया तक न तो दोहरीकरण का कार्य पूर्ण हो सका है और न विद्युतीकरण का कार्य ही पूरा हो पाया है। एक से दूसरे प्लेटफार्म पर पहुंचने में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पैदल पुल पर दो नंबर प्लेटफार्म की फिनिशिंग के लिए रखे उपकरणों में यात्री कब उलझ कर गिरकर चोटिल हो जाएंगे, कोई ठीक नहीं है। जंगीगंज स्टेशन के पश्चिमी फाटक तक नया ट्रैक बिछाकर छोड़ दिया गया है। पीआरओ वाराणसी रेल मंडल अशोक कुमार ने बताया कि रेल विकास निगम अधूरे कार्यों को पूरा कराने में तेजी दिखा रहा है। एक माह बाद सुविधाओं का लाभ यात्रियों को मिलने लगेगा।