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बारिश में गड्ढे वाली सड़कों पर फिर बढ़ेगी मुश्किलें

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सुरियावां ब्लाक में मानशाहपुर-मंगूरा सड़क पर बिखरी गिट्टियां। - फोटो : BHADOHI
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मानसून नजदीक आते ही एक बार फिर राहगीरों को गड्ढे वाली सड़कें याद आने लगी हैं। इनका मानना है कि मानसून शुरू होने से पहले सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं हुईं तो आवागमन में मुश्किलें झेलनी पड़ेगी।
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2021-22 का वित्तीय सत्र मार्च में समाप्त होने पर लोक निर्माण विभाग ने 57.16 लाख से 64.47 किलोमीटर वाले 60 ग्रामीण सड़कों का सर्वे कर गड्ढामुक्त करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया था। विभागीय सर्वेयरों का अनुमान था कि मई के प्रथम सप्ताह तक प्रस्तावित धनराशि अवमुक्त हो जाएगी और मानसून शुरू होने से पहले सड़कें गड्ढामुक्त कर ली जाएंगी। समय से पैसा न मिलने के कारण पिछले वर्ष गड्ढामुक्त हुई सड़कें भी अब उसी स्थिति की ओर बढ़ रही हैं जहां से अभियान की शुरूआत हुई थी। अधिशासी अभियंता एसबी राव ने बताया कि प्रस्तावित स्टीमेट की धनराशि मिलने की उम्मीद भी नजदीक है। अभियान का समय 30 जून तक है। सर्वे सूची में शामिल सभी सड़कें गड्ढामुक्त की जाएंगी।
इन सड़कों पर आवागमन करने में लगता है भय
गड्ढामुक्त न होने का खामियाजा भुगत रही गोधना-रजमला, वहिदानगर-दरवांसी, उधवां-असनांव, चौबेपुर-राघोपुर, अहरा-हृदयपट्टी, मानशाहपुर-मंगूरा, कड़ोर-चौगुना, भदोही घंटा-मुख्यालय, शेरपुर गोपलहां-प्रयागराज, सदलूबीर-मुख्यालय, कुरमैचा-भीटी आदि मार्ग पर गड्ढों के कारण राहगीरों का आवागमन में दिक्कत होती है। सुरियावां क्षेत्र के राहगीर संतोष शुक्ला, रामेश्वरलाल, बहादुर गोड, रमेशचंद, शिवप्रकाश, बालचंद, अनिल, अशोक ने कहा कि उक्त मार्गों की दूरी लगभग ढाई से तीन किमी होंगी। रखरखाव न होने से गड्ढों की भरमार है ही इधर-उधर बिखरी गिट्टियां अधिक दुखदाई हो चुकी है। मानसून शुरू होने से पहले सड़कें गड्ढामुक्त की जरूरत है। इससे राहगीरों की समस्या दूर होगी।
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नवीनीकरण में 113 सड़कें, नहीं मिला बजट
लोक निर्माण विभाग की ओर से मार्च-2022 में 60 गड्ढा मुक्ति और 113 सड़कें नवीनीकरण के लिए चयनित हैं। गड्ढा मुक्ति का आसरा तो अब राहगीर छोड़ चुके हैं लेकिन नवीनीकरण में 303.89 करोड़ का इंतजार अभी विभाग को है। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग एसबी राव ने बताया कि हर कार्य बजट पर निर्भर है। नये सत्र का बजट आने पर ही कुछ किया जा सकता है। पिछले सत्र का 67 करोड़ ही मिल जाए तो काफी काम हो जाएंगे।
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