यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर शिक्षकों का ब्योरा देने में 12 स्कूलों की ओर से उदासीनता बरती जा रही है। जिसको लेकर परिषद ने नाराजगी जताई है। डीआईओएस ने नोटिस जारी कर संबंधित विद्यालयों से जवाब-तलब किया है। अंतिम तिथि बीतने के बाद भी इन स्कूलों ने शिक्षकों का ब्योरा बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्च के दूसरे पखवाड़ा में संभावित बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 90 केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें कुल 49 हजार विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा को पारदर्शी एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई जानी है। इसके लिए जिले में संचालित 36 राजकीय, 25 शासकीय सहायता प्राप्त सहित वित्तविहीन कुल 183 माध्यमिक विद्यालयों को शिक्षकों का संपूर्ण विवरण 20 फरवरी तक वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद भी 12 विद्यालयों की ओर से विवरण अपलोड नहीं किया जा सका है। इससे कक्ष निरीक्षकों की फाइनल सूची तैयार नहीं हो पा रही है। पूर्व में प्रधानाचार्यों की मनमानी से क्लर्क या चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के साथ ही मनमाफिक शिक्षकों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के रूप में लग जाती था, इससे परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठते थे। अब ऑनलाइन कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से प्रधानाचार्यों की मनमानी पर लगाम लगेगा। शिक्षकों की यूनिक आईडी कार्ड भी बोर्ड मुख्यालय से जारी होगा। डीआईओएस नंदलाल गुप्त ने विद्यालयों की इस लापरवाही को गंभीरता से लिया है। उन्होंने संबंधित विद्यालयों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में चेतावनी दी है कि 10 मार्च तक विवरण अपलोड नहीं करने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।