किसान संगठनों ने शनिवार को जिला मुख्यालय पर बैठक और अभोली के सदलूबीर बाजार में धरना-प्रदर्शन कर किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाने समेत अन्य मांगें पूरी करने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत ग्रुप) के जिलाध्यक्ष एके चौबे ने जिला मुख्यालय पर आयोजित बैठक में कहा कि सरकार की तरफ से समय-समय पर एमएसपी पर किसानों के उपज की खरीदारी कराई जाती है, लेकिन शुरुआती दौर से समापन तक किसान दौड़भाग करने के लिए विवश होते हैं। संगठन की तरफ से जिला प्रशासन की मांग भी सौंपा गया।
ज्ञापन में गेहूं खरीद के लिए केंद्रों की संख्या बढ़ाने, छुट्टा पशुओं से सुरक्षा के लिए अनुदान पर सोलर फेंसिंग किट उपलब्ध कराने, नीलगाय को पकड़वाकर जंगल में छोड़वाने आदि की मांग की गई है। कृषि उपकरण अनुदान, डीबीटी पोर्टल पर फंसे बकाए का अविलंब भुगतान कराने, रजवाहा-माइनर की सफाई कराकर टेल तक पानी पहुंचाने और जर्जर पुलों की मरम्मत कराने की मांग भी की गई है। इस मौके पर श्यामधर सिंह, साधुराम बिंद, श्यामधर यादव, रामजीत पाल, सुरेश सिंह, कमला शंकर बिंद, रामदेव बिंद, राकेश कुमार पांडेय, चंद्रेश बिंद आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में भारतीय किसान मजदूर संघ संयुक्त यूनियन के जिलाध्यक्ष सालिकराम यादव ने जिले में बाढ़ से बर्बाद फसलों की क्षतिपूर्ति दिए जाने की आवाज उठाई। मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार यादव ने विभागीय अधिकारियों पर आरोप लगाया कि बार-बार ज्ञापन देने के बाद भी मांगें पूरी नहीं की जा रही हैं। चेतावनी दी कि एक सप्ताह में मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर रामबाबू बिंद, जैन खान, संतराम बिंद, रिंकू वर्मा, राजेंद्र पाल, प्रहलाद दास बिंद, चंद्रभान बिंद, ओमप्रकाश यादव, अमरजीत यादव, सेराज अहमद, मूलचंद गौतम, सूर्यबली, बड़ेलाल, सचिन यादव आदि मौजूद रहे।