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गांवों में खराब पड़े हैंडपंप बनेंगे, मिलेगा शुद्ध पानी

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तापमान में बढ़ोत्तरी के कारण भूगर्भ जलस्तर नीचे जा रहा है। यही वजह है कि जिले के कई क्षेत्रों में हैंडपंप पानी छोड़ने लगे हैं। मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने जल निगम और नगरीय निकायों को निर्देश दिया है कि अपने-अपने इलाके में सर्वे करके शुद्ध पेयजल का इंतजाम कराएं। ऐसे में जल निगम ने गांवों में खराब पड़े हैंडपंपों की सूची तैयार करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है।
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जल निगम के अधिशासी अभियंता मुजीब अहमद ने बताया कि पेयजल की बढ़ती जा रही शिकायतों पर जिला प्रशासन सख्त है। सीडीओ के निर्देश पर सभी गांवों में खराब पड़े हैंडपंपों का सर्वे कराया जा रहा है। खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराई जाएगी। इसमें ग्राम पंचायतों से भी मदद ली जाएगी। उधर, इन दिनों जिले में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री तक पहुंच गया। यानी आंकड़ा 40 डिग्री सेल्सियस को छूने की कगार पर है। इस तापमान में सड़क पर चलने वाले राहगीरों का जब गला सूखता है तो प्यास बुझाने के लिए सरकारी हैंडपंपों का ही सहारा लेते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण क्षेत्रों में होती है। उधर, जिले में 35 ग्रामीण और समूह पेयजल परियोजनाओं की स्थिति खराब होने पर अब केंद्रीय जल जीवन मिशन ही एकमात्र विकल्प है, जो लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में योजना पूर्ण होने पर पेयजल की समस्या नहीं होगी। जलनिगम के अधिकारियों ने बताया कि बजट की कमी के कारण एक दशक पूर्व स्थापित पेयजल परियोजनाओं का रखरखाव करना मुश्किल हो रहा है। जिले में 35 में से 17 ग्रामीण और समूह की परियोजनाओं के माध्यम से पेयजल घरों तक पहुंचाया जा रहा है। नये सत्र में हैंडपंप की स्थापना के लिए दिशा-निर्देश शासन स्तर से मिलने पर काम कराया जाएगा।
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