फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लापरवाही पर 480 स्कूलों की मान्यता पर संकट

विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराने में निजी मान्यता प्राप्त विद्यालय लापरवाही बरत रहे हैं। 25 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन न कराने पर बेसिक शिक्षा विभाग मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई करेगा।
विज्ञापन

जिले में 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालयों के अलावा 840 बेसिक, सीबीएसई, आईएएसई से मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। आरटीई के मानक में इन स्कूलों में 25 फीसदी गरीब और दुर्बल बच्चों को प्रवेश के लिए सीटें आरक्षित रहती हैं, लेकिन जिले के अधिकतर स्कूलों की ओर से ऐसे बच्चों का प्रवेश नहीं दिया जाता। जिसमें तमाम प्रकार की तकनीकी खामियों का हवाला दिया जाता है। वर्ष 2021 से शासन ने आरटीई पोर्टल पर स्कूलों को पंजीकरण कराने का निर्देश दिया। पंजीकरण होने की दशा में अभिभावक अपने क्षेत्र के स्कूल को चिह्नित कर वहां अपने बच्चों का एडमिशन करा सकेंगे, लेकिन पंजीकरण को लेकर स्कूल लापरवाही बरत रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो 840 स्कूलों में अब तक मात्र 360 ने ही पंजीकरण कराया है। 349 का सत्यापन भी हो चुका है, लेकिन अब भी 480 स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। विभाग के लोगों का कहना है कि नियमों को नजरअंदाज कर स्कूलों ने सत्र 2021 में तीन हजार में से मुश्किल से 800 छात्रों को ही प्रवेश दिया है, बाकी के चयनित छात्र दाखिले के लिए स्कूलों के चक्कर काटते रह गए। सामुदायिक शिक्षा के जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता कल्पनाथ मिश्र ने बताया कि पंजीकरण के लिए दोबारा वेबसाइट खोल दी गई है। 25 जनवरी तक आरटीई के पोर्टल पर पंजीकरण होगा। पंजीकरण नहीं करने वाले विद्यालयों की मान्यता रद्द की जाएगी। बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह का कहना है कि आरटीई के पोर्टल पर 480 निजी स्कूलों ने अब तक पंजीकरण नहीं कराया है। 25 जनवरी तक पंजीकरण नहीं कराने पर मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई होगी। सत्र 2022 में 25 फीसदी सीटों पर गरीब और दुर्बल बच्चों को प्रवेश दिलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें