ज्ञानपुर (भदोही)। बसपा के पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय के दो शिक्षण संस्थानों पर प्रशासनिक शिकंजा कसना शुरू हो गया है। राजस्व विभाग ने अभिलेखीय परीक्षण शुरू कर दिया है। एसडीएम ने नायब तहसीलदार और काननूूगो को दो दिन के अंदर जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
पिछले दिनों कुछ लोगों ने ज्ञानपुर तहसील के बेरवा पहाड़पुर गांव में स्थित हीरानंद पांडेय जगवंती देवी इंटर कॉलेज एवं महाविद्यालय के तालाब की जमीन पर बनने की शिकायत की थी। ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र ने भी मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत की थी। आरोप है कि तालाब की आराजी सरकारी अभिलेखों में तालाब दर्ज है। उसे अधिकारियों की मिलीभगत से पहले अपने और परिवार के नाम से रजिस्ट्री करवाया, फिर उसे विद्यालयों के नाम रजिस्टर्ड कर दिया गया। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम विशाख जी ने एसडीएम ज्ञानपुर को जांच का निर्देश दिया। एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार अभिरंजन कश्यप और कानूनगो नीरज त्रिपाठी ने अभिलेखीय परीक्षण शुरू कर दिया है। कानूनगो नीरज त्रिपाठी ने कहा कि एसडीएम ने जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। शुक्रवार को पैमाइश करने के लिए गए थे, लेकिन कुछ जरूरी कागजात न होने से पैमाइश पूर्ण नहीं हो सकी। सोमवार या मंगलवार को पैमाइश की जाएगी।
स्कूलों की मान्यता पर भी उठे सवाल
ज्ञानपुर। तहसील क्षेत्र के बेरवा पहाड़पुर स्थित पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय के शिक्षण संस्थानों की मान्यता पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर पूर्व सांसद ने अपना और परिवार का नाम तालाब की भूमि में दर्ज करवा लिया था। अहम सवाल यह है कि शिक्षा विभाग की ओर से बिना राजस्व अभिलेखों को देखे कैसे मान्यता दे दी गई। विभागीय कर्मचारियों की मानें तो शुरुआती दौर में यदि मान्यता मिल गई तो अभिलेखों में समिति का नाम निरस्त होने पर मान्यता भी खत्म हो जानी चाहिए। खतौनी में दर्ज आदेश भी इसकी पुष्टि कर रहे हैं।