सुरियावां। तुलापुर-बहादुरान गांव स्थित कोटे की दुकान पर रविवार की सुबह कालाबाजारी के लिए जा रहे 11 बोरी अनाज को आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने पकड़ लिया। 10 बोरी गेहूं और एक बोरी चावल समेत वाहन को पुलिस के हवाले करने के बाद कोटे को दुकान को सील कर दिया गया। अधिकारियों के पहुंचने की भनक लगते ही कोटेदार अपने पुत्र के साथ वहां से खिसक गया।
तुलापुर-बहादुरान गांव की कोटे की दुकान हरिहरपुर गांव निवासी दिव्यांग मूलचंद यादव के नाम से है। आरोप है कि दुकानदार गांव में दुकान का संचालन न कर विभागीय मिलीभगत से पांच किलोमीटर दूर स्थित भीमसेनपुर में किराए के मकान में दुकान चलाता है। भोर में कुछ लोग बिरहा सुनकर लौट रहे थे तो उनकी नजर दुकान के सामने खड़े वाहन पर पड़ी। वाहन पर कोटेदार गरीबों में वितरित होने वाले खाद्यान्न की कालाबाजारी कर लदवा रहा था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल डायल-100 पुलिस और एसडीएम भदोही को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस के साथ अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। आपूर्ति निरीक्षक विवेक कुमार श्रीवास्तव ने चालक से पूछताछ कर दुकान को सील कर दिया। इसके बाद कोटे के एक बोरी चावल और 10 बोरी गेहूं के साथ वाहन को पुलिस के हवाले कर दिया गया। अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही कोटेदार पुत्र के साथ भाग चुका था। चालक पुलिस की हिरासत में है।
विभागीय मिलीभगत पर आंच नहीं
सुरियावां। क्षेत्र के तुलापुर-बहादुरान गांव स्थित कोटे की दुकान को आपूर्ति निरीक्षक की देखरेख में सील तो करा दिया गया, लेकिन आला अधिकारियों ने विभागीय संलिप्तता पर आंच नहीं आने दी। मौके पर मौजूद रहे कार्डधारकों का कहना था कि कालाबाजारी की शिकायत लेकर छह माह पूर्व मुख्यालय और विभाग पर धरना-प्रदर्शन भी किया गया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। ग्रामप्रधान केसरी प्रसाद यादव, विवेक दुबे, लालमणि, श्रीधर बिंद, नन्हकू चौरसिया, शिवनाथ पूरी, रामधनी गौतम आदि ने कहा कि पिछले माह भी दर्जन भर से अधिक लोगों को उनके हिस्से का खाद्यान्न नहीं मिला था। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से दुकान को निरस्त कर नए सिरे की आवंटन कराने की मांग की।