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सीजेएम न्यायालय में पेश हुये हत्यारोपी,भेजे गये कारागार

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ज्ञानपुर। औराई कोतवाली क्षेत्र के औरंगाबाद गांव में दो जुलाई की रात बिलकिस पत्नी मुदसिर की मारपीट कर हत्या में हत्यारोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक कुमार यादव की अदालत में बुधवार को कड़ी सुरक्षा में पेश किया गया। जहां मजिस्ट्रेट ने आरोप की गंभीरता को देखते हुए चारों को कारागार भेजने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 18 सितंबर की तिथि नियति की गई।
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मुदसिर अली ने महताब, आफताब पुत्र खालिक और निजाम पुत्र किलबिल, रियाज पुत्र निजाम के खिलाफ औराई कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि दो जुलाई की रात में मामूली विवाद को लेकर उक्त लोगों ने पत्नी बिलकिस की मारपीट कर हत्या कर दी। बचाव का प्रयास करने पहुंचे अन्य परिजनों को भी गंभीर चोट पहुंचाई गई। आरोप की गंभीरता को देख पुलिस ने निजाम व रियाज को दूसरे ही दिन हिरासत में लेकर जेल भेजने की कार्रवाई की। घटना को अंजाम देकर फरार चल रहे आफताब और महताब को 10 दिन बाद मुंबई फरार होने के प्रयास में माधोसिंह रेलवे स्टेशन पर घेरेबंदी कर गिरफ्तार किया था।
ज्ञानपुर। औरंगाबाद के मामले में मुख्य साजिशकर्ता निजाम पुत्र किलबिल की विदेश यात्रा अधर में लटक गई। मृतका के परिजनों ने कहा कि घटना के एक सप्ताह पूर्व से ही साजिश रची जा रही थी। दो जुलाई की रात लगभग साढे़ आठ बजे मामूली सी बात को लेकर इतनी बड़ी घटना को अंजाम देना हर किसी को आश्चर्य में डाल दिया। अभी भी हत्यारोपियों का साथ देने वाले दो युवक और दो युवतियां बिचौलियों के सहयोग से फरार ही चल रहे हैं। हालांकि उक्त चारों पुलिस के रिकार्ड में नहीं हैं लेकिन उनसे मृतक बिलकिस का परिवार अभी भी खौफ के साये में जीवन व्यतीत कर रहा है कि पुलिस ने लापरवाही बरती तो वह कहीं के न रह जायेंगे। शीघ्र ही कारागार में बंद निजाम के पासपोर्ट को भी जब्त कराने के लिए अदालत में अर्जी दी जायेगी।
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