ऑल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) के पूर्व मानद सचिव पीयूष बरनवाल ने बताया कि एक प्रकार से देखा जाए तो वेसल आपरेटर्स ब्लैक मार्केटिंग कर रहे हैं। हमारा माल कई कई दिनों तक पड़ा है उसके लिए कंटेनर नहीं मिल रहा है और जो तीन गुना कीमत दे रहा है उसको प्राथमिकता दे रहे हैं।
ऐसी स्थिति में भारी मात्रा में माल बंदरगाहों पर कंटेनरों की उपलब्धता का इंतजार कर रहे हैं। प्रमुख कालीन निर्यातक आलोक बरनवाल ने कहा कि इसमें भारत सरकार वाणिज्य तथा कपड़ा मंत्रालय को तत्काल हस्तक्षेप करना होगा। नहीं तो हमारे माल पोर्ट पर डंप रहेंगे जिससे भविष्य में भारतीय कालीन निर्यात को नुकसान होगा।