ज्ञानपुर में कोहरे के कारण हेडलाइट जलाकर चलते वाहन।
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ज्ञानपुर। कड़ाके की ठंड से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। रविवार को पछुआ हवा संग आसमान में बादलों ने डेरा डाल दिया। दिन भर बादलों से आंख मिचौली के बीच धूप निकला, लेकिन वह भी राहत नहीं दे सका। सुबह कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते हुए आगे बढ़े। शाम ढलते ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया। ठंड से बचने के लिए लोग घरों में रहे।
दिसंबर के शुरूआती दिनों से पड़ रही ठंड कम नहीं हो रही है। दिल्ली और एनसीआर में बारिश संग पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का असर मैदानी भागों में दिख रहा है। लगातार चल रही पछुआ हवा से गलन से लोग परेशान हैं। रविवार को आंख खुली तो आसमान में बादल छाए रहे। पूरे दिन बादलों और सूरज के बीच लुकाछिपी चलती रही। सूरज निकलने पर लोग छतों पर ठंड से बचने के लिए पहुंच जाते, लेकिन जैसे ही बादल छा जाते लोग हट जाते। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव के साथ ही छतों पर धूप सेंकते नजर आए। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी जरूर हुई, लेकिन पछुआ गलन भरी हवा पूरे दिन चलती रही, जिससे लोग परेशान दिखे।
सुबह कोहरा छाया रहा, जिससे हाईवे सहित अन्य लिंक मार्गों पर दुपहिया, चार पहिया और भारी वाहन लाइट जलाकर चले। बादलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने कहा कि रविवार को दिन में अधिकतम 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस रहा। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग के जारी एडवाइजरी के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार को हवा की दिशा उत्तर पूर्व रहेगी। बादलों संग बूंदाबांदी हो सकती है। अभी आगे भी ठंड और गलन कायम रहने का आसार बना हुआ है। आलम यह है कि शाम सात से आठ बजते-बजते बाजारों में सन्नाटा पसर जा रहा है। वहीं दूसरी ओर ठंड बढ़ने के बाद भी सभी सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जल सका है। इससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि हल्की बूंदाबांदी फसलों के लिए फायदेमंद है। अधिक बारिश होने पर दलहनी-तिलहनी फसल को नुकसान पहुंचेगा।