परिषदीय स्कूलों में संचालित मिड-डे मील योजना के तहत कार्यरत रसोइयों के बीच पाक कला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। कोरोना संक्रमण के कारण दो साल से बंद चल रही यह प्रतियोगिता अब 27 मार्च को कराई जाएगी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में होने वाली प्रतियोगिता की तैयारी शुरू कर दी गई है।
प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को हर रोज पका-पकाया भोजन दिया जाता है। मध्याह्न भोजन योजना के तहत विद्यालयों में अलग-अलग मीनू के अनुसार भोजन बनता है। रसोइयों का उत्साह बढ़ाने के लिए कुछ वर्षों से स्कूलों में रसोइयां पाक कला प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। वर्ष 2019 में शुरू हुई यह प्रतियोगिता 2020 और 2021 में कोरोना संक्रमण के कारण नहीं हो सकी थी। अब 2022 में इसके आयोजन की तैयारी शुरू कर दी गई है। एमडीएम समन्वयक सौरभ सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता के बहाने यह परखा जाएगा कि जिले में कौन सी रसोइया, कितना बढ़िया व्यंजन बनाती है। साथ ही साफ-सफाई, व्यवहार आदि को भी देखा जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले रसोइए पुरस्कृत किए जाएंगे। प्रतियोगिता के लिए 30 रसोइयों का चयन हो चुका है। रसोइयों को बेहतर काम के लिए प्रोत्साहित करना भी मकसद है। इसके लिए 27 मार्च की तिथि तय की गई है। इसमें रसोइया व्यंजन तैयार करेंगी तो स्कूल के बच्चों से लेकर अफसर तक जज की भूमिका निभाएंगे। वही तय करेंगे कि रसोइये ने कैसा खाना बनाया है। उसी के आधार पर उन्हें प्रथम से लेकर तृतीय श्रेणी में विभाजित कर सम्मानित किया जाएगा। पाक कला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले रसोइए को 3500 रुपये, द्वितीय को 2500 और तृतीय को 1500 रुपये दिए जाएंगे। इनके अलावा 27 प्रतिभागियों को 250 रुपये सांत्वना पुरस्कार के रूप में दिए जाएंगे। साथ ही सभी 30 प्रतिभागियों को आवागमन के लिए 250 रुपये भत्ता भी दिया जाएगा।