जिले में अवैध अस्पताल और पैथॉलाजी संचालकों पर शिकंजा कसने लगा है। नोटिस के बाद भी बंद न करने पर छह अवैध क्लीनिक और एक पैथॉलाजी संचालक के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने मुकदमा दर्ज कराया। इससे झोलाछाप में खलबली मच गई है।
शासन और प्रशासन की सख्त हिदायत के बाद भी अवैध अस्पतालों का संचालन रूक नहीं रहा है। ग्रामीण और नगरीय इलाकों में बड़ी संख्या में ऐसे क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। दो माह पूर्व अधिवक्ता आदर्श त्रिपाठी ने गोपीगंज के एक निजी पैथालॉजी के अवैध संचालन की शिकायत की थी। सीएमओ के निर्देश पर गोपीगंज अधीक्षक डॉ. आशुुतोष कुमार ने जांच की। जिसमें शिकायत सही मिली। विभाग ने बंद करने की नोटिस भेजी, लेकिन पैथालाजी बंद नहीं हुआ। अधिवक्ता ने पुन: शिकायत की। अधीक्षक ने पैथालॉजी संचालक खिलाफ मेडिक एक्ट के तहत गोपीगंज थाने में केस दर्ज कराया। इसी तरह पावर हाउस गहरपुर मोड़ में अवैध क्लीनिक संचालक, चकमंधाता, देवनाथपुर, सुरियावां, सीखापुर में में अवैध क्लीनिक व पैथालॉजी संचालक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया। अवैध संचालन पर भदोही के एक पैथालॉली को बंद करने की नोटिस दी गई है। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने बताया कि अवैध ढंग से संचालित अस्पतालों को चिन्हित किया जा रहा है। पंजीकरण न कराने और विशेषज्ञ न होने की स्थिति में ऐसे अस्पतालों को बंद किया जाएगा।