जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसमें स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने और अवैध तरीके से संचालित केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि जो अस्पताल अथवा डायग्नोस्टिक सेंटर पोर्टल पर ऑनलाइन न हों, उन्हें एक सप्ताह का मौका दें। इसके बाद भी अगर वे ऑनलाइन नहीं होते हैं तो उनका लाइसेंस निरस्त कर दें। जिलाधिकारी ने सीएमओ से गोपीगंज एक अस्पताल व कोइरौना स्थित एक डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ उप जिलाधिकारी से मिलकर परिवाद दाखिल करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जिले में एक हजार पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या कम होने पर चिंता जताई। कहा कि गर्भस्थ शिशु लड़की होने पर गर्भपात कराना अपराध है। बेटा-बेटी का सम्मान करें, बेटी के वेदना को समझें, लड़की को पराया धन न समझें, अच्छी शिक्षा दिलाएं। सीएमओ को निर्देश दिया कि जो भी अल्ट्रासाउंड सेंटर मानक पूर्ण नहीं करते हैं, उन्हें बंद कराएं। इसके पूर्व संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान के द्वितीय चरण की सफलता को लेकर डीएम ने बैठक की। उन्होंने नोडल स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को क्षेत्रों में भ्रमण कर दिमागी बुखार जैसे केसों की निगरानी, रोगियों के उपचार की व्यवस्था, रोगियों के नि:शुल्क परिवहन के लिए वाहन सेवा उपलब्ध कराने, लार्वा रोधी गतिविधियों तथा आवश्यकतानुसार फागिंग कराने का निर्देश दिया।
नगर पालिका और नगर पंचायत की ओर से शहरी क्षेत्रों में नालियों की साफ-सफाई एवं फागिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी रामआसरे पाल ने बताया कि एक से 31 जुलाई तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत प्रचार प्रसार होगा। इसी तरह से 16 जुलाई से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान के तहत फ्रंट लाइन वर्कर्स (आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता) प्रतिदिन बुखार रोगियों की सूची बनाएंगी। साथ ही आईएलआई (एनफ्लुएंजा लाइक इलनेस) रोगियों की सूची, क्षय रोग के लक्षण युक्त लोगों, कुपोषित बच्चों व क्षेत्र वार ऐसे मकानों की सूची तैयार करेंगी, जहां घरों के भीतर मच्छरों का प्रजनन पाया जाता है। इस मौके पर डॉ. अमित दूबे, अंकित सिंह, प्रमोद कुमार आदि मौजूद रहे।