ज्ञानपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित छह सूत्री मांग पत्र डीएम आर्यका अखौरी को सौंपकर व्यापारियों के हित की मांग की। इस दौरान जिलाध्यक्ष घनश्यामदास गुप्ता के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे पदाधिकारियों ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण का दूसरा लहर जारी होने के बाद भी शासन-प्रशासन उनके हित में कदम नहीं उठा रहा है। जबकि प्रथम चरण के लहर में जीवन उपयोगी वस्तुओं को उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई थी। आगामी दिनों महामारी का तीसरा चरण प्रभाव दिखाने लगेगा जिससे व्यापारियों की परेशानी और बढ़ जाएगी। नाराजगी जताई है कि प्रशासन महामारी के गाइड लाइन का पालन तो कराता है लेकिन किसी की जनभावनाओं को नहीं समझता।
जिले की सभी छोटी-बड़ी बाजारों में 60 फीसद व्यापारिक प्रतिष्ठान रिहायशी वाले मकानों में संचालित हैं। बावजूद इसके प्रशासन मकान, प्रतिष्ठान की सफाई करते समय चालान काटने से लेकर कानूनी कार्रवाई की हिदायत दिया जाता है। प्रतिष्ठान के सामने बैठने तक पर किसी का पांच तो किसी का 10 हजार रुपये चालान काटना उचित नहीं है। मांग किया कि जीएसटी रिटर्न जमा करने का समय दो माह बढ़ाया जाए, मंडी समेत अन्य विभागों से पंजीकृत व्यापारियों की मौत होने पर 10 से पांच लाख, अपंजीकृत, ठेला, पटरी, फुटपाथ दुकानदारों को एक लाख रुपये का आकस्मिक मुआवजा निर्धारित किया जाए, तीन माह तक बैंक ब्याज न लिया जाए, तीन माह का फिक्स चार्ज विद्युत विभाग माफ करे, मंडी समिति और निकायों की दुकानों का किराया दो माह तक न लिए जाए, सभी बैंकों के किश्त जमा करने की तिथि 31 अगस्त तक बढ़ाई जाए। इस अवसर पर पंकज रावत, आनंद सोनी, श्रीकांत जायसवाल, संजीव जायसवाल थे।