सूचना न मिलने के कारण मौखिक परीक्षा से वंचित केएनपीजी महाविद्यालय के स्नातकोत्तर के व्यक्तिगत छात्र सोमवार को बिफर पड़े। प्राचार्य कार्यालय के सामने लामबंद छात्रों ने प्राचार्य का घेराव किया। आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के अलावा कॉलेज प्रशासन छात्रों संग दोहरी नीति अपना रहा है। आरोपों पर प्राचार्य डॉ. ललित मोहन जोशी ने विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर समस्या का निदान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्र शांत हुए।
दर्जनों की संख्या में प्राचार्य से मिलने पहुंचे छात्रों ने कहा कि कॉलेज में स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर व्यक्तिगत के विभिन्न विषयों की मौखिक परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय ने तिथि और केंद्र तय किया था। छात्रों का केंद्र मिर्जापुर के बिनानी कॉलेज में बनाया गया था। इसकी सूचना विश्वविद्यालय और महाविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को समुचित ढंग से नहीं दी। इससे बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। ऐसे में फिर मौखिक परीक्षा के लिए दो-दो हजार रुपये विलंब शुल्क लिया जा रहा है। जो कि छात्रों के लिए देना संभव नहीं है।
छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
छात्रों को प्राचार्य ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से भी उनकी मौखिक परीक्षा लेकर अवगत नहीं कराया गया। इसलिए विश्वविद्यालय को पत्र लिखकर छात्रों की मांगों की जानकारी देंगे। बताया कि छात्रों के विरोध से विश्वविद्यालय ने 20 जुलाई को बैठक बुलाई है। इस मौके पर शिवम शुक्ला, सौरभचंद पांडेय, अनुराग तिवारी, संदीप उपाध्याय, अतुल,अजीत पांडेय, प्रकाश, गौरव, धीरू, शिवांगी, प्रीती, प्रिया, उमा, रसीदा खानम, सरोज मौर्य, संजू पाल, सविता, संगीता, नाजनीन बानो, आरती गुप्ता, सविता पाल आदि रहे।