मिर्जापुर-भदोही संसदीय सीट से 2004 में सांसद चुने गए नरेंद्र कुशवाहा को स्टिंग ऑपरेशन में फंसने के बाद अपनी सीट गंवानी पड़ी थी। उनके ऊपर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप लगा था। इस प्रकरण के सामने आने के बाद भदोही में सियासी भूचाल आ गया था।
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कुशवाहा की संसदीय सदस्यता जाने के बाद 2007 में उपचुनाव हुआ। जिसमें बसपा के ही रमेश कुमार दुबे को जीत मिली थी। भदोही लोकसभा सीट 2009 के परिसीमन के पहले मिर्जापुर-भदोही संसदीय सीट के नाम से जानी जाती थी। इस सीट पर बसपा और सपा की अच्छी पकड़ थी। 2004 के चुनाव में बसपा के नरेंद्र कुमार कुशवाहा ने दो 2,01,942 वोट प्राप्तकर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह मस्त को 36,412 वोटों से हराया था।
साल 2005 में एक मीडिया संस्थान की ओर से बड़ा स्टिंग ऑपरेशन किया गया। जिसमें देशभर के कुल 11 सांसद फंसे थे। स्टींग में सत्तापक्ष के साथ विपक्ष के सांसद भी थे। 'नोट फॉर क्वेरिज' के इस मामले ने भारतीय राजनीति में सियासी भूचाल ला दिया। नरेंद्र कुशवाहा बीते साल दिसंबर में बसपा का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हो गए।