बारिश और तेज हवाओं ने रविवार को विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई। को छिन्न-भिन्न कर दिया। जर्जर तार और खंभे उखड़ने से आधे जिले की बिजली आपूर्ति करीब आठ घंटे तक ठप रही। सुधार होने पर सुबह 11 बजे तक आपूर्ति बहाल हो सकी। इससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिले में तीन-चार दिनों से रुक - रुक बारिश हो रही है। शनिवार को देर रात तेज आंधी संग आई बारिश से बिजली आपूर्ति व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई। जगह-जगह टूटकर गिरे तार और ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आने से भोर में तीन बजे से जिला मुख्यालय सहित गोपीगंज, सेमराध, वहिदानगर फीडर से जुड़े 300 से अधिक गांवों में आपूर्ति ठप हो गई। वहिदानगर उपकेंद्र के नया अरता फीडर से जुड़े उपभोक्ता नन्हें लाल, सोमारू, हारून, रफीक आदि ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि नगरीय क्षेत्रों तक सीमित रहकर अधिकारी-कर्मचारी आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने की कोशिश करते हैं। दो दिन पूर्व ही बारिश के बीच कौलापुर में मुख्य लाइन बाधित हो जाने से उपकेंद्र सेमराध, सीतामढ़ी, रमईपुर, अकोढ़ा से जुड़े दो सौ गांवों के उपभोक्ताओं को लगभग 24 घंटे तक आपूर्ति नहीं हो सकी थी। उधर, शनिवार को देर शाम किसी तक आपूर्ति बहाल होने के बाद भी कोनिया क्षेत्र आपूर्ति बाधित रही। रविवार को फिर बारिश का क्रम जारी रहने से स्थिति में कोई सुधार नहीं आ सका था। आपूर्ति बहाल नहीं होने पर ऊंज, कुरमैचा, नवधन, रामकि शुनपुर-बसहीं, मुंगरहा, गोधना, सुधवैं, मैलौना, चंदापुर, शिवनाथपट्टी, मोन-कुटिया के उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि सौभाग्य योजना के तहत राजमार्ग सहित अन्य नई लाइन का भी लोड दशक पूर्व लगे उपकरणों पर डाल दिए जाने के कारण जंफर उड़ने, केबल बाक्स जलने आदि समस्याएं गंभीर होती जा रही हैं। इसके चलते आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है। दुकानदान रामबहादुर, शिवनारायण, अजीमुल्ला का कहना था कि जब भी कोई पर्व और त्योहार नजदीक होता है तब आपूर्ति बाधित होने पर दुकानदारी पर काफी असर पड़ता है।
उधर, अधिशासी अभियंता सदर अमर सिंह ने बताया कि जर्जर उपकरणों को बदलने का काम शुरू कराया गया है, लेकिन तीन दिन से हो रही बारिश के चलते आपूर्ति बहाल रखने में समस्या आई है। तकनीकी गड़बड़ियों को दूर करने में कर्मचारी सुबह से लगे हैं। कुछ उपकेंद्रों से जुड़े गांवों में आपूर्ति बहाल कर दी गई है। अन्य क्षेत्रों में भी आपूर्ति बहाल कराने की कोशिश की जा रही है।