ऑडियो में विधानमंडल टीम का भय दिखाकर कारपेट और लिफाफा देने के प्रारूप की बात कही गई। मुख्य सेविकाओं ने सीडीपीओ संग डीपीओ तक को मामले में शामिल होने की बात कही। अधिवक्ता आदर्श ने प्रमुख सचिव व निदेशक बाल विकास को पत्र भेजकर सीडीपीओ, डीपीओ और मुख्य सेविकाओं पर कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने कहा कि मामला गंभीर है। डीपीओ से मामले में जानकारी ली जाएगी। लेकिन अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता है।