कोतवाली क्षेत्र के पिपरीस रामेश्वरपुर गांव में जीवित्पुत्रिका के दिन बुधवार को सुबह आठ बजे गड्ढे में गिरकर चार वर्षीय बालक की मौत हो गई। बालक कब से गड्ढे में गिरा था लोगों को पता ही नहीं लगा।
जानकारी के अनुसार बालक बऊ अपनी माता सुनीता देवी के पीछे-पीछे फूल तोड़ने के लिए घर से निकल गया। उसकी मां फूल तोड़ कर तो लौट आई लेकिन जब नहीं आया तो पिता संतोष कुमार ने उसके बारे में पूछा। इतना पूछते ही लोग सन्न रह गए। और बऊ को ढूंढने लगे। काफी देर तक हर जगह ढूंढने के बाद भी उसका पता नहीं चला तो लोग परेशान हो उठे। हाल यह था कि उसी गड्ढे के आस पास लोग आते जाते रहे लेकिन गड्ढे की ओर ध्यान किसी को नहीं जा रहा था। काफी देर के बाद किसी का ध्यान गड्ढे की ओर गया तो उसमे औंधे मुंह बच्चे का शव पड़ा था। बेटे को देख कर मां की चीख निकल गई। घर वालों ने जोर दिया कि तत्काल उसे अस्पताल ले चलें। लोग अस्पताल लेकर गए लेकिन मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पाकर पूरा गांव संतोष के घर उमड़ पड़ा।
भारी संख्या में महिलाएं भी माता पिता को सांत्वना देने पहुंच गए। काफी देर तक लोग मां को ढांढस बंधाते रहे लेकिन मां का कलेजा फटा जा रहा था। जानकारी हो कि जीवित्पुत्रिका पर्व पर माताएं जहां जब पुत्रों की दीर्घायु के लिए पूजा कर रही थी उसी समय बेटे को खो पूरा परिवार सदमे में डूब गया। पुलिस के अनुसार उसे इस घटना की जानकारी नहीं है।