ज्ञानपुर। जिले के डीघ विकास खंड में निलंबित सचिव नितिश वर्मा के फंड तबादला आर्डर से 11 ग्राम पंचायतों में हुए घोटाले के मामले में एडीओ डीघ की मुश्किलें बढ़ गई है। डीडीओ जयकेश त्रिपाठी ने पांच ग्राम पंचायतों की जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। जिसमें अनियमितता सामने आई है, हालांकि दो अन्य अफसरों की जांच अभी तक पूरी नहीं हो सकी। ऐसे में अब इस प्रकरण में शिवशक्ति फर्म पर भी शिकंजा कसता दिख रहा है। सीडीओ ने वाणिज्यकर विभाग से इसकी रिपोर्ट मांगी है।
विकास खंड डीघ के सहायक विकास अधिकारी ने निलंबित सचिव के एफटीओ से 45.33 लाख का घोटाला कर लिया था। यही नहीं रोजगार सेवक के भाई के शिव शक्ति फर्म के नाम से एक मुश्त 33 लाख रुपये भुगतान कर दिया गया है। इस मामले में एडीओ पंचायत को निलंबित करने की संस्तुति करते हुए वसूली की कार्रवाई करने का निर्देश जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने दी है। निलंबन की फाइल करीब पखवारे भर से शासन में लटकी है। दूसरी तरफ 11 ग्राम पंचायतों में हुई घपलेबाजी की जांच के लिए डीडीओ जयकेश त्रिपाठी, डीसी मनरेगा और एई ग्रामीण अभियंत्रण को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। डीडीओ ने जांच कर रिपोर्ट सौंप दिया, लेकिन दो अन्य अफसरों की जांच पूर्ण नहीं हो सकी।
मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि फर्म के संबंध में वाणिज्यकर विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है। तीन बिदुओं में सवाल किया गया है कि फर्म किस कार्य के लिए पंजीकृत है। यदि पंजीकृत है तो फर्म की ओर से जीएसटी कब और कितना जमा किया गया है। बताया कि इन बिदुओं पर रिपोर्ट आने के बाद संबंधित फर्म के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ ने बताया कि डीडीओ ने बेरासपुर, बदरी,जगदीशपुर, दानीपट्टी सहित पांच गांवों की जांच सौंप दिया है। जिसमें व्यापक स्तर पर अनियमितता मिली है। एई के तबादले से जांच पूर्ण नहीं हो सकी है। जांच पूर्ण होने पर रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
भदोही विधायक ने प्रकरण को संज्ञान में लिया
45 लाख के घपलेबाजी में फंसे डीघ के एडीओ की मुश्किलें थम नहीं रही। भाजपा विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी ने इस प्रकरण में जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी और कोइरौना थानाध्यक्ष से वार्ता कर उचित कार्रवाई का निर्देश दिया। कहा कि सरकार में भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।