सुरियावां में प्राचीन सहुआइन तालाब पर अतिक्रमण। संवाद
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भदोही जनपद के सुरियावां नगर पंचायत क्षेत्र में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से प्राचीन तालाबों की पहचान खत्म होने की कगार पर है। अतिक्रमण और गंदगी की जद में आ चुके इन तालाबों के सुंदरीकरण को लेकर प्रशासनिक अधिकारी मौन हैं।
क्षेत्र में सहुआइन, बावन बीघा, निमकौड़िया, जोधराज सिंह का तालाब प्राचीनता की सभी औपचारिकताएं पूरी करते हैं। लेकिन अधिकारी इनके प्रति सजग नहीं हैं। समाजसेवी जतन गुप्ता, सुशील कुमार, रमेश कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन तालाबों का सुंदरीकरण कराने के लिए कदम नहीं उठा सका है। जबकि जल्द ही सरकार विंध्य कारिडोर का शुभारंभ करेगी। उक्त सभी तालाबों की लंबाई-चौड़ाई 30 से 40 बीघे से कहीं अधिक होगी। आज के एक दशक पूर्व तक पक्की सीढ़ियां, पक्के घाट, चारों ओर की हरियाली को देखने के लिए दूर-दूर तक के लोग आते रहे हैं। जैसे-जैसे आबादी बढ़ रही है लोग प्राचीन तालाबों पर अतिक्रमण कर परिक्षेत्र को समेटते जा रहे हैं जबकि अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी तालाबों की महत्ता को बरकरार रखने के लिए ठोस कदम नहीं उठाना चाहते। बरसात के अलावा अन्य दिनों में घरों से निकलने वाला गंदा पानी तालाब में ही बहाया जा रहा है।
शिकायत पर अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई की जाती है। सुंदरीकरण के लिए जनप्रतिनिधि प्रस्ताव भेजे तो शासन से कुछ उम्मीद की जा सकती है। -आशीष कुमार मिश्रा, एसडीएम भदोही