भदोही में वैश्विक महामारी कोरोना की दो लहर देख चुके लोगों में अब तीसरी लहर की चिंता सता रही है। संक्रमण की स्थिति अभी भले सामान्य है, लेकिन कुछ प्रांतों में बढ़ते मरीजों को लेकर लोग परेशान हैं। तीसरी लहर में सबसे अधिक बच्चे प्रभावित होंगे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 52 बेड के ऑक्सीजनयुक्त पीकू वार्ड बनाए गए हैं। बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
जिले में कोरोना की दूसरी लहर खत्म हो चुकी है। विशेषज्ञ साल के अंत तक तीसरी लहर की संभावना जता रहे हैं। जिसमें सबसे अधिक बच्चों को प्रभावित होने की आशंका है। जिसको लेकर शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग पहले से अलर्ट मोड में है। अस्पतालों में पीकू वार्ड, ऑक्सीजन की व्यवस्था हो रही है। इसके अलावा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अभिभावकों को जागरूक भी किया जा रहा है। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में जीरो से पांच साल के करीब दो लाख 10 हजार जबकि पांच से 15 साल के बच्चों और किशोर की संख्या तीन लाख है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर सुरियावां, औराई, डीघ और गोपीगंज सीएचसी में आठ-आठ जबकि एमबीएस भदोही और ज्ञानपुर में 10-10 सहित 52 बेड का पीकू वार्ड बनाया गया है। जिसमें ऑक्सीजन सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं की गई है। कोरोना की तीसरी लहर में सबसे अधिक प्रभाव कुपोषित बच्चों पर पड़ेगा। जिले में 13000 कुपोषित और 6,500 बच्चों की सुरक्षित रखना चुनौती होगी। ऐसे बच्चों की इम्युनिटी सबसे अधिक कमजोर होती है। जिससे संक्रमण फैलने का खतरा इनमें अधिक है। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने बताया कि बच्चों के लिए 52 बेड का पीकू वार्ड बनाया गया है। अन्य संसाधन भी मुहैया कराया जा रहा है।