ज्ञानपुर। सत्र न्यायाधीश अलिखेश दुबे ने सेवाश्रम इंटर कॉलेज की जमीन हड़पने के प्रयास के मामले में चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। सुरियावां कोतवाली ने अगस्त में चारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। गिरफ्तारी से बचने के प्रयास में चारों ने कोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
सुरियावां निवासी जटाशंकर दुबे ने एसपी को लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया कि कुसौड़ा निवासी कैलाशनाथ दुबे, परमात्मा उर्फ नन्हे दुबे, अचल दुबे और कुशल दुबे भूमाफिया किस्म के लोग हैं। ये लोग सेवाश्रम इंटर कॉलेज की जमीन को अवैध रूप से हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। आरोप लगाया कि इन लोगों ने कूटरचित अभिलेख तैयार कर भूमि को अवैध रूप से हस्तांतरित करने का प्रयास किया और इसे जमीन के नक्शे से भी छेड़छाड़ की। मामले में जिलाधिकारी ने शिकायत पर राजस्व टीम से जांच कराई, इसमें रिपोर्ट में हेरफेर पाया गया। इसके बाद 30 जून 2026 को जमीन की पैमाइश भी कराई गई। इसमें जमीन पर अवैध अतिक्रमण मिला। जांच के बाद एसपी के आदेश पर चारों के खिलाफ जालसाजी व धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई। जिसके बाद चारों ने अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया। आरोपियों के अधिवक्ता ने उन्हें निर्दोष बताया और कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। कोर्ट ने पत्रावली और प्रपत्रों के अवलोकन के बाद पाया कि जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया। इसके अलावा अभियुक्तों ने न्यायालय में भी उस जमीन को अपनी जमीन बताकर वाद दायर किया था। ऐसे में कोर्ट ने कहा कि अगर अभियुक्तों को अग्रिम जमानत दी जाती है, तो विवेचना में असहयोग और अभियुक्तों के फरार होने की संभावना बन सकती है। ऐसे में कोर्ट ने चारों की जमानत याचिका खारिज कर दी।